संपादन
संपादन में तीन वर्षीय स्नातकोत्तर पदविका पाठ्यक्रम
संपादन के छात्रों को संपादन की कला एवं सीखने के अन्य संबंधित क्षेत्रों में अभिनव अभ्यासों एवं प्रयोगों के माध्यम से स्व-संकाय विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। यह पाठयक्रम छात्रों की अवधारणा को समृद्ध करता है तथा उन्हें उनके सांस्कृतिक संसाधनों से परिचित कराता है और सिनेमा के विभिन्न प्रारूपों से जुड़ने में सक्षम बनाता है। यह पाठ्यक्रम संपादन कला के अभ्यास तथा उनकी अपनी पृथक शैली को विकसित करने का बहुआयामी अवसर प्रदान करता है। विद्यार्थीगण प्रथम सेमेस्टर में कॉमन इंट्रिग्रेटेड मॉड्यूल में हिस्सा लेने के पश्चात् सम्पादन में भी विशेषज्ञता प्राप्त करना शुरू करते हैं। विद्यार्थीगण अपने कार्यभार के साथ-साथ समन्वित प्रोजेक्ट्स के लिए एव्हीड एवं एफसीपी जैसे अरैखिक प्रणाली को सीखते एवं अभ्यास करते हैं। नियमित कक्षाओं के अलावा विभाग प्रख्यात एवं प्रतिष्ठित संपादकों द्वारा कार्यशालाओं का आयोजन करने के साथ ही फ़िल्मी दुनिया की जानकारी प्रदान करने के लिए फिल्ड ट्रिप एवं अध्ययन भ्रमण का आयोजन करता है। संपादकीय विभाग अत्याधुनिक आधारभूत संरचना से सुसज्जित है तथा इसके पास कम्पोजिटिंग/स्पेशल इफेक्ट तथा एचडी/2के आउटपुट अनुकूलता के लिए सर्वश्रेष्ठ पोस्ट निर्माण डिजीटल मशीन (एव्हीड) है।

पाठ्यक्रम की अवधि
3 वर्षों को 6 सेमेस्टर में विभाजित किया गया है
सीटों की कुल संख्या
10 (दस)
योग्यता मापदंड
किसी भी विषय में स्नातक डिग्री- संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईटी) में सफल उम्मीदवार अभिविन्यास एवं साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किये जायेंगे।
- अंतिम मेरिट लिस्ट लिखित परीक्षा (जेईटी), अभिविन्यास एवं साक्षात्कार, जो कि प्रत्येक स्तर पर क्रमशः 20%, 50% (20% प्रैक्टिकल + 30% लिखित) एवं 30% महत्व के आधार पर तैयार किया जाएगा, जो कि चिकित्सा परीक्षा में उत्तीर्ण होने का विषय होगा।
संकाय
- के राजशेखरन,
सहयोगी प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष
- अमलान चक्रवर्ती,
सहायक प्राध्यापक
- देब कमल गांगुली,
सहायक प्राध्यापक
- देबाशीष सरकार,
सहायक प्राध्यापक
- कृष्णेंदु सरकार,
सहायक प्राध्यापक
शैक्षिक सहायता कर्मचारी
- उज्ज्वल कुमार रजक,
प्रदर्शक
- मनीष कुमार,
प्रदर्शक
संकाय एवं शैक्षिक सहायता कर्मचारियों के बारे में अधिक जानकारी
