TV Camera

इलेक्ट्रॉनिक चलचित्रांकन में विशेषज्ञता के साथ टेलीविज़न में एक वर्षीय स्नातकोत्तर प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम


यह पाठ्यक्रम भावी पीढ़ी के दृश्य कथाकारों को पेशेवर सिनेमैटोग्राफी में करियर बनाने के अवसर प्रदान करता है। इस पाठ्यक्रम को चलचित्र कला और विज्ञान से संबंधित चित्रात्मक और तकनीकी आवश्यकताओं को विकसित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। एक संरचित शिक्षण पद्धति के माध्यम से, छात्रों को इस विशेष कौशल के विभिन्न पहलुओं से क्रमिक रूप से परिचित कराया जाता है। मीडिया में तेजी से बदलती डिजिटल तकनीकों के साथ, पेशेवरों के लिए उपलब्ध अवसर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, यह पाठ्यक्रम विविध दृश्य कहानी कहने की सौंदर्यशास्त्र पर जोर देता है, जिसे अत्याधुनिक उपकरणों और समग्र अवसंरचना के साथ पूरक किया गया है |

उपलब्ध सुविधाओं में हाई-डेफिनिशन मल्टी-कैमरा टेलीविजन स्टूडियो, उच्च स्तरीय डिजिटल सिनेमा कैमरे, उन्नत ऑप्टिक्स, विभिन्न प्रकार के लाइटिंग उपकरण और ग्रिप्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 4K डिजिटल कलर ग्रेडिंग सूट हमारे कार्यप्रवाह को दृश्य उत्कृष्टता प्राप्त करने में सक्षम बनाते हैं। छात्रों को फिल्म उद्योग के पेशेवरों द्वारा तकनीकी और रचनात्मक दोनों प्रकार की सहभागिताओं तथा कार्यशालाओं के माध्यम से भी परिचित कराया जाता है।

संरचना: पाठ्यक्रम को सावधानीपूर्वक संरचित किए गए तीन चरणों में विभाजित किया गया है:

चरण 1: मूल दृश्य सिद्धांत से परिचय

यह सामान्य आधारभूत मॉड्यूल सभी विशेषज्ञताओं के छात्रों को दृश्यात्मक और सौंदर्यपरक दृष्टिकोण के माध्यम से चलचित्रांकन के मूलभूत सिद्धांतों से परिचित कराता है। सैद्धांतिक शिक्षण को एकल और बहु-कैमरा व्यावहारिक अभ्यासों के साथ संयोजित करते हुए, यह चरण छात्रों में बुनियादी धारणा और कलात्मक जागरूकता के साथ-साथ तकनीकी दक्षता का निर्माण करता है। शैक्षणिक और रचनात्मक मार्गदर्शन, संरचित फीडबैक सत्रों के साथ मिलकर, छात्रों को दृश्य व्याकरण की समझ विकसित करने में मदद करता है। इस चरण में मूल दृश्य सिद्धांत, छवि निर्माण, रचना, स्टेजिंग, प्रकाश और शॉट डिज़ाइन की समझ पर विशेष जोर दिया जाता है। छात्रों को देखने के अपने दृष्टिकोण का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, साथ ही उन सौंदर्यात्मक अवधारणाओं से परिचित कराया जाता है जो मानव धारणा को आकार देती हैं, जिससे उन्नत चलचित्रांकन-संबंधी (सिनेमैटोग्राफिक) अध्ययन और रचनात्मक अन्वेषण के लिए एक मजबूत वैचारिक आधार स्थापित होता है।

चरण 2: इलेक्ट्रॉनिक चलचित्रांकन में विशेषज्ञता
इस चरण में, छात्र औपचारिक रूप से इलेक्ट्रॉनिक चलचित्रांकन में अपनी विशेषज्ञता के क्षेत्र में प्रवेश करते हैं। वे 5 से 12 मिनट की अवधि वाले कथा और गैर-कथा परियोजनाओं पर कार्य करते हैं। ये अभ्यास विभिन्न कहानी कहने के रूपों में सिनेमाई समझ को गहरा करने के लिए संरचित किए गए हैं। आधुनिक सिनेमा लाइन कैमरा सिस्टम, लुमिनेयर्स और निर्माण तकनीकों के साथ काम करते हुए, छात्र कथा और वृत्तचित्र दोनों संदर्भों में अपनी दृश्यात्मक शब्दावली का विस्तार करते हैं। संबंधित विशेषज्ञताओं के साथ साथियों के सहयोग से वास्तविक निर्माण प्रक्रिया का अनुभव प्राप्त होता है। अनुभवी संकाय से निरंतर मार्गदर्शन, अतिथि विशेषज्ञों द्वारा आयोजित गहन व्यावहारिक सत्र और कार्यशालाओं के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया और समृद्ध होती है। इस चरण का मुख्य उद्देश्य शिल्प को परिष्कृत करना, दृश्य निर्णय क्षमता को मजबूत करना और रचनात्मक मूलभूत संरचना का निर्माण करना है।
चरण 3: पाठ्यक्रम समापन मॉड्यूल

छात्र 15 मिनट की एक फ़िल्म की संकल्पना बनाते हैं और उसका निर्माण करते हैं, जो पेशेवर स्तर के निष्पादन के साथ-साथ स्पष्ट रूप से विकसित व्यक्तिगत दृश्य भाषा को दर्शाती है। यह परियोजना चलचित्रांकन में उनके तकनीकी प्रशिक्षण और कलात्मक अन्वेषण का समापन रूप है। छात्र फ़िल्म की दृश्यात्मक रूपरेखा के लिए मुख्य जिम्मेदारी निभाते हैं, जिसमें विचार निर्माण, संदर्भ तैयार करना, शैलीगत दृष्टिकोण विकसित करना, लाइटिंग योजनाएँ, कैमरा रणनीति, ऑन-सैट कार्यप्रवाह और इमेज पोस्ट-प्रोडक्शन के सुव्यवस्थित चरण शामिल हैं। परिणामस्वरूप, अक्सर यह एक उच्च स्तरीय फ़िल्म होती है, जिसमें अद्वितीय सिनेमाई लेखकीय पहचान, सौंदर्यपूर्ण परिपक्वता और तकनीकी दक्षता दिखाई देती है तथा यह समकालीन स्क्रीन निर्माण की मांगों के लिए छात्रों को पूरी तरह तैयार करती है।

पाठ्यक्रम अवधि: 01 वर्ष (वार्षिक पद्धति, कुल अंक = 1000)

कुल सीटों की संख्या: 11

पात्रता मानदंड: किसी भी शाखा में स्नातक पदवी या समकक्ष

संकाय सदस्य 
  • डॉ. बिष्वा बी. बेहुरा, सहायक प्राध्यापक और विभागाध्यक्ष
  • सुश्री माहीन मिर्जा, सहायक प्राध्यापक
  • निशांत खुरादा, सहायक प्राध्यापक