निर्देशन में विशेषज्ञता के साथ टेलीविज़न में एक वर्षीय स्नातकोत्तर प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम
संरचना: यह पाठ्यक्रम सावधानीपूर्वक संरचित किए गए तीन चरणों में विभाजित है, जिनमें मॉड्यूलर संरचना है:
चरण 1: विभिन्न कौशल क्षेत्रों का परिचय
यह एक सामान्य मॉड्यूल है, जिसमें सभी शाखाओं के छात्रों को लेखन, निर्देशन, चलचित्रांकन, ध्वनि मुद्रण और संरचना, संपादन, और निर्माण की मूल सिद्धांतों से परिचित होते हैं,साथ ही इन्हें सौंदर्यात्मक दृष्टिकोण से समझाया जाता है। सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ सिंगल और मल्टी-कैमरा अभ्यासों में व्यावहारिक प्रशिक्षण, संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन और प्रतिक्रिया के माध्यम से छात्रों में एक मजबूत आधार स्थापित करते हैं।
चरण 2: निर्देशन में विशेषज्ञता (कथा और गैर-कथा)
निर्देशन के छात्र अपनी विशेषज्ञता की शुरुआत करते हैं। वे कथा और गैर-कथा कार्यक्रमों का निर्माण करते हैं (जिनकी अवधि 5 - 12 मिनट की होती हैं)। वे अत्याधुनिक उपकरणों के साथ काम करते हैं और संबद्ध विशेषज्ञताओं के सहपाठियों के साथ मिलकर नवोन्मेषी कहानी कहने के तरीके अन्वेषित करते हैं। इस प्रक्रिया में लेखन, निर्देशन और निर्माण में उनके कौशल को निखारने पर विशेष बल दिया जाता है, जिसमें अनुभवी संकाय, अतिथि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन तथा प्रतिष्ठित फ़िल्म निर्माताओं और उद्योग विशेषज्ञों द्वारा आयोजित व्यावहारिक कार्यशालाओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
चरण 3: पाठ्यक्रम – समापन अभ्यास
छात्र 15 मिनट की फ़िल्म का लेखन, निर्देशन और निर्माण करते हैं, जो व्यावसायिक निष्पादन और एक विशिष्ट व्यक्तिगत सौंदर्य को प्रदर्शित करती है। अनुभवी संकाय सदस्य और उद्योग विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन किए गए इस चरण में, छात्र विचार-निर्माण से लेकर अंतिम प्रस्तुति तक निर्माण की सभी प्रक्रियाओं को स्वयं संभालने में सक्षम होते हैं और आंतरिक और बाहरी संकाय सदस्यों से मूल्यवान प्रतिक्रिया प्राप्त करते हैं।
पाठ्यक्रम की अवधिः 1 वर्ष (वार्षिक पैटर्न, कुल अंक = 1000)
स्थानों की कुल संख्याः : 11
पात्रता के मानदण्ड : किसी भी शाखा में स्नातक की पदवी या उसके समकक्ष
संकाय सदस्य
- एम.डी.नेगी, प्राध्यापक और विभागाध्यक्ष
- डॉ.मिलिंद दामले, सहयोगी प्राध्यापक (वर्तमान में सीएफओएल के अंतर्गत)
- वासीमबरी माणेर, सहयोगी प्राध्यापक
- स्वप्निल कपूरे, सहायक प्राध्यापक

