ध्वनि मुद्रण एवं टेलीविज़न अभियांत्रिकी विशेषज्ञता के साथ टेलीविज़न में एक वर्षीय स्नातकोत्तर प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम
यह पाठ्यक्रम छात्रों को ध्वनि के विभिन्न तकनीकी और सौंदर्यात्मक पहलुओं से परिचित कराता है, जिससे वे प्रभावशाली ध्वनि परिदृश्यों (साउंडस्केप्स) तैयार करने में सक्षम होते हैं। यह छात्रों में संचालन तकनीकों और रचनात्मक क्षमताओं का एक संक्षिप्त संयोजन है। ध्वनि विभाग को डिजिटल ऑडियो वर्कस्टेशन, डिजिटल कंसोल, डिजिटल रिकॉर्डर, पेशेवर बूम और वायरलेस माइक जैसे अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया है।
पाठ्यक्रम के दौरान छात्र कथा और गैर-कथा कार्यक्रमों के लिए ध्वनि मुद्रण करना सीखते हैं। इसमें मुख्य रूप से उद्योग मानक वायरलेस माइक्रोफोन, बूम माइक्रोफोन और डिजिटल ऑडियो रिकॉर्डर के साथ लोकेशन साउंड रिकॉर्डिंग शामिल है। इसके साथ ही, छात्र इन कार्यक्रमों का ऑडियो पोस्ट-प्रोडक्शन भी सीखते हैं, जो कि विश्व स्तरीय डिजिटल ऑडियो वर्कस्टेशन प्रो-टूल्स पर किया जाता है।मल्टी-कैमरा अभ्यास एक अन्य समन्वित गतिविधि है, जो छात्रों को सीधे प्रसारण वाले ऑडियो-विज़ुअल कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं और चुनौतियों को समझने में सक्षम बनाती है।
पाठ्यक्रम की सफल पूर्णता के बाद, छात्र कथा और गैर-कथा कार्यक्रमों के लिए ध्वनि मुद्रक के रूप में कार्य करने के लिए पेशेवर कौशल प्राप्त कर लेंगे। वे स्वतंत्र रूप से निर्माण ध्वनि मिक्सर, ध्वनि संरचनाकार और पुनर्मुद्रण (री-रिकॉर्डिंग) मिक्सर के रूप में विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म जैसे टीवी, डॉक्यूमेंट्री और ओटीटी आदि के लिए काम करने में सक्षम होंगे। इसके अतिरिक्त, वे ऑडियो पोस्ट-प्रोडक्शन को संभालने में भी सक्षम होंगे, जिसमें उल्लेखित कार्यक्रमों का संपादन , ध्वनि-संस्कार, ध्वनि मिश्रण और अंतिम परिष्करण शामिल है, और यह सभी कार्य उद्योग मानक डिजिटल ऑडियो वर्कस्टेशन प्रो-टूल्स पर किए जाएंगे।
उपरोक्त ध्वनि और टीवी अभियांत्रिकी उपकरणों एवं स्टूडियो पर कार्य करने से छात्रों को पेशेवर परियोजना लेने का आत्मविश्वास प्राप्त होता है। उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद उन्हें वर्तमान तकनीकों और क्षेत्र में प्रचलित नियमों और परंपराओं को समझने में मदद करता है ।
संरचना: यह पाठ्यक्रम ध्यानपूर्वक संरचित किए गए तीन चरणों में विभाजित है, जो मॉड्यूलर संरचना में हैं:
चरण 1: विभिन्न कौशल समूहों का परिचय
यह एक सामान्य मॉड्यूल है, जिसमें सभी शैलियों के छात्रों को लेखन, निर्देशन, चलचित्रांकन, ध्वनि मुद्रण और संरचना, संपादन और निर्माण के मूल सिद्धांतों से परिचित कराया जाता है, जो एक सौंदर्यात्मक दृष्टिकोण द्वारा मार्गदर्शित होते हैं। सैद्धांतिक जानकारी और एकल और बहु-कैमरा अभ्यासों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण के साथ संकाय सदस्यों का मार्गदर्शन और प्रतिक्रिया एक मजबूत आधार बनाते हैं।
चरण 2: ध्वनि मुद्रण एवं टेलीविज़न अभियांत्रिकी में विशेषज्ञता (कथा और गैर-कथा)
ध्वनि मुद्रण एवं टेलीविज़न अभियांत्रिकी के छात्र अपनी विशेषज्ञता में प्रवेश करते हैं। वे कथा और गैर-कथा कार्यक्रमों पर काम करते हैं, जिनकी अवधि 5 से 12 मिनट के बीच होती है। वे अत्याधुनिक उपकरणों के साथ काम करते हैं और अपने सहयोगियों के साथ मिलकर नवाचारपूर्ण कहानी कहने की विधाओं का अन्वेषण करते हैं। इसमें छात्रों के ध्वनि मुद्रण कौशल को अनुभवी संकाय सदस्यों और अतिथि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से तथा प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माताओं एवं उद्योग पेशेवरों द्वारा व्यावहारिक कार्यशालाओं के माध्यम से निखारने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
चरण 3: पाठ्यक्रम-समापन अभ्यास
छात्र 15 मिनट की फ़िल्म का निर्माण करते हैं, जो पेशेवर स्तर के निष्पादन और विशिष्ट व्यक्तिगत सौंदर्य दृष्टि को दर्शाती है। यह चरण अनुभवी संकाय सदस्यों और उद्योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में चलता है और छात्रों को ध्वनि मुद्रण के विभिन्न पहलुओं को स्वयं संभालने में सक्षम बनाता है। साथ ही, छात्र आंतरिक तथा बाहरी संकाय सदस्यों से मूल्यवान प्रतिक्रिया प्राप्त करते हैं ।
पाठ्यक्रम अवधि: 01 वर्ष (वार्षिक पैटर्न, कुल अंक = 1000)
Toस्थानों की कुल संख्या: 11
पात्रता मानदंड: किसी भी शाखा में स्नातक की पदवी या समकक्ष
संकाय सदस्य :Sound
- वैभव घम, सहयोगी प्राध्यापक और विभागाध्यक्ष
- आयझॅक न्यूटन, सहायक प्राध्यापक
- अतुल लंजुडकर,सहायक प्राध्यापक
संकाय सदस्य :टेलीविज़न अभियांत्रिकी
- संदीप शहारे, प्राध्यापक और विभागाध्यक्ष
- डॉ. ऑल्विन अनुसे, सहयोगी प्राध्यापक
- डॉ. रणजित सदाकळे, सहायक प्राध्यापक
- डॉ. राजेंद्रप्रसाद पगारे, सहायक प्राध्यापक
- योगेश सोनवणे, सहायक प्राध्यापक

