सन् 1966 में केरल के कालीकट में जन्में अप्सारा ने कालीकट विश्वविद्यालय से 'भौतिक विज्ञान' में बीएससी' तथा सन् 1991 में भारतीय फ़िल्म और टेलीविज़न संस्थान, पुणे से 'ध्वनि मुद्रण एवं ध्वनि अभियांत्रिकी' में स्नातकोत्तर पदविका पूरा किया।
उन्होंने मणि कौल के साथ मुख्य सहायक निर्देशक के रूप में 1992 से 1999 के दौरान फ़िल्म 'द क्लाउड डोर, द सर्वेंट्ज शर्ट, लाइट अपैरल और भोज' में कार्य किया है।
एक ध्वनि डिजाइनर के रूप में, उन्होंने सुधीर मिश्रा निर्देशित धारावी, 1991 एवं हजारों ख्वाहिशें ऐसी, 2002, थ्रोन ऑफ़ डेथ 1999, वार्ट 2003 (फ़िल्म के सह-लेखक), मुरली नायर द्वारा द डॉग्स डे 2001, उन्नी 2006 और वर्जिन गोट, 2010, श्रीराम राघवन द्वारा एक हसीना थी 2004, जॉनी गद्दार, 2007, एजेंट विनोद, 2012 और बदलापुर, 2015 के अलावा कई फ़िल्मों में कार्य किया है।
एक ध्वनि डिजाइनर के रूप में वे वृत्तचित्रों से भी जुड़े थे।
वे एक विद्यार्थी के रूप में ध्रुपद गुरुकुल (पावेल, मुंबई) से काफी निकटता से जुड़े रहे हैं तथा गुरुकुल के अधिकांश कार्यक्रमों में ध्वनि इंजीनियर रहे हैं।
